आज के समय में ऑफिस सिर्फ काम करने की जगह नहीं रह गया है। लोग अपने दिन का सबसे बड़ा हिस्सा अब कार्यस्थल पर बिताते हैं। सुबह की मीटिंग से लेकर देर शाम तक की डेडलाइन, चाय-कॉफी ब्रेक, टीम आउटिंग और लगातार बातचीत, इन सबके बीच कई बार रिश्ते सिर्फ प्रोफेशनल नहीं रहते, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव में बदल जाते हैं। यही वजह है कि आजकल Workplace Romance यानी ऑफिस में प्यार काफी आम होता जा रहा है। हाल के कई सर्वे और रिपोर्ट्स बताते हैं कि बड़ी संख्या में लोग अपने लाइफ पार्टनर से ऑफिस में ही मिले। कुछ रिश्ते शादी तक पहुंचते हैं, तो कुछ सिर्फ दोस्ती या अट्रैक्शन तक सीमित रह जाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऑफिस में प्यार इतना आम क्यों हो गया है?


दिन का सबसे ज्यादा समय ऑफिस में बीतता है

एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी रिश्ते की शुरुआत के लिए सबसे जरूरी चीज होती है लगातार संपर्क। आज की कॉरपोरेट लाइफ में लोग अपने परिवार से ज्यादा समय कई बार ऑफिस में बिताने लगे हैं। जब लोग रोज साथ काम करते हैं, तनाव झेलते हैं, एक-दूसरे की मदद करते हैं और निजी बातें शेयर करने लगते हैं, तो भावनात्मक जुड़ाव बनना स्वाभाविक माना जाता है। यही जुड़ाव धीरे-धीरे आकर्षण और फिर रिश्ते में बदल सकता है। एक इन्टरनेट यूजर ने भी लिखा कि उसने अपनी पत्नी से ऑफिस में ही मुलाकात की थी और यह काफी सामान्य बात है क्योंकि लोग अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा कार्यस्थल पर बिताते हैं।


Comfort Zone बन जाता है रिश्ता

हाल की एक रिपोर्ट के अनुसार करीब 60 प्रतिशत लोगों ने माना कि वे कभी न कभी ऑफिस रोमांस का हिस्सा रहे हैं। इस रिपोर्ट में कंफर्ट को सबसे बड़ा कारण बताया गया। दरअसल जब दो लोग लंबे समय तक साथ काम करते हैं, तो वे एक-दूसरे की आदतों, व्यवहार और सोच को समझने लगते हैं। ऐसे में भरोसा जल्दी बनता है। यही कारण है कि कई लोग ऑफिस के साथी के साथ खुद को ज्यादा सहज महसूस करते हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि रिश्तों में भरोसा सबसे अहम चीज होती है और कार्यस्थल पर यह भरोसा धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है।


एक जैसी सोच और लक्ष्य भी बनते हैं वजह

ऑफिस में साथ काम करने वाले लोग अक्सर एक जैसे लक्ष्य और जीवनशैली शेयर करते हैं। दोनों करियर, काम के दबाव और प्रोफेशनल चुनौतियों को समझते हैं। यही समानता रिश्तों को मजबूत बना सकती है। कई बार लोगों को लगता है कि उनका पार्टनर उनकी जिंदगी और संघर्ष को बेहतर समझता है क्योंकि वह खुद उसी माहौल का हिस्सा है। यही वजह है कि कॉरपोरेट सेक्टर, मीडिया, होटल इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में ऑफिस रोमांस ज्यादा देखने को मिलता है।


Work From Office Culture ने बढ़ाई नजदीकियां

कोविड के बाद जब लोग दोबारा ऑफिस लौटे, तो कई रिपोर्ट्स में वर्कप्लेस रिलेशनशिप बढ़ने की बात सामने आई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार वर्चुअल मीटिंग और अकेलेपन के बाद लोगों ने ऑफिस में ज्यादा सामाजिक जुड़ाव महसूस किया। टीम लंच, ऑफसाइट ट्रिप और लेट नाइट प्रोजेक्ट्स के दौरान कई लोग भावनात्मक रूप से करीब आने लगे।


क्या ऑफिस रोमांस हमेशा गलत होता है?

बहुत से लोग ऑफिस रोमांस को गलत नजर से देखते हैं, लेकिन रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हर वर्कप्लेस रिलेशनशिप खराब नहीं होती। कई रिश्ते सफल शादी में भी बदलते हैं। एक सर्वे में दावा किया गया कि करीब 43 प्रतिशत ऑफिस रोमांस शादी तक पहुंचे। हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि रिश्ते में परिपक्वता और सीमाएं बेहद जरूरी हैं। अगर रिश्ता प्रोफेशनल माहौल को प्रभावित करने लगे, तो समस्याएं बढ़ सकती हैं।


ऑफिस गॉसिप और पालिटिक्स भी बनती है परेशानी

ऑफिस रोमांस का दूसरा पहलू भी है। कई बार ऐसे रिश्तों की वजह से गॉसिप, जलन और पक्षपात के आरोप लगने लगते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर एक ही टीम के दो लोग रिश्ते में हों, तो बाकी कर्मचारियों को असहज महसूस हो सकता है। खासकर तब जब प्रमोशन, प्रोजेक्ट या फैसलों में पक्षपात का आरोप लगे। इन्टरनेट पर कई लोगों ने लिखा कि ऑफिस रोमांस कई बार 'messy' हो जाता है और HR को बीच में आना पड़ता है।


बॉस और कर्मचारी का रिश्ता क्यों माना जाता है डेलिकेट?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक सबसे ज्यादा विवाद तब होता है जब रिश्ता किसी वरिष्ठ अधिकारी और जूनियर कर्मचारी के बीच हो। ऐसी स्थिति में पावर डायनेमिक्स यानी पद का असर रिश्ते को जटिल बना सकता है। कई कंपनियां अब ऐसी स्थितियों के लिए स्पष्ट HR पॉलिसी बना रही हैं ताकि हितों का टकराव न हो। कुछ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में तो ऑफिस रिलेशनशिप की जानकारी HR को देना भी जरूरी होता है।


भारत में तेजी से बदल रही सोच

कुछ साल पहले तक भारत में ऑफिस रोमांस को छिपाकर देखा जाता था। लेकिन अब शहरी युवाओं के बीच इसे ज्यादा सामान्य माना जाने लगा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ऑफिस रोमांस के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। हालांकि छोटे शहरों और पारंपरिक परिवारों में अब भी इसे लेकर झिझक दिखाई देती है।


सोशल मीडिया और OTT ने भी बदली सोच

फिल्मों, वेब सीरीज और सोशल मीडिया ने भी वर्कप्लेस रोमांस को ग्लैमराइज किया है। आजकल कई लोकप्रिय सीरीज में ऑफिस लव स्टोरी दिखाई जाती है। युवा पीढ़ी इन कहानियों से खुद को जोड़कर देखने लगी है। यही वजह है कि अब लोग ऑफिस रिलेशनशिप को पहले जितना असामान्य नहीं मानते।


क्या ऑफिस रोमांस करियर के लिए खतरा बन सकता है?

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर रिश्ता खराब तरीके से खत्म हो, तो उसका असर काम और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर पड़ सकता है। कुछ लोग नौकरी बदलने तक का फैसला कर लेते हैं। एक रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई लोगों ने रिश्ते की वजह से नौकरी छोड़ी। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ऑफिस और निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।


आखिर क्यों बढ़ रहा है Workplace Romance?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका सबसे बड़ा कारण बदलती लाइफस्टाइल और काम का तरीका है। लोग अब ऑफिस में ज्यादा समय बिताते हैं, भावनात्मक सपोर्ट तलाशते हैं और समान सोच वाले लोगों के करीब आते हैं।

यानी जहां काम, तनाव और सपने साथ हों, वहां रिश्तों का बनना असामान्य नहीं माना जा सकता। लेकिन यह भी उतना ही जरूरी है कि रिश्ते की वजह से प्रोफेशनल माहौल प्रभावित न हो। फिलहाल इतना तय है कि वर्कप्लेस रोमांस अब आधुनिक शहरी जीवन का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है।