अक्सर लोग मानते हैं कि बुढ़ापा 60 या 70 की उम्र के बाद शुरू होता है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि शरीर में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया 30 के बाद ही धीरे-धीरे शुरू हो जाती है। खासकर 35 की उम्र पार करने के बाद कई ऐसे बदलाव दिखाई देने लगते हैं, जिन्हें लोग सामान्य थकान या व्यस्त जीवनशैली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यही संकेत बताते हैं कि शरीर अपेक्षा से ज्यादा तेजी से एजिंग यानी बूढ़ा होने की तरफ बढ़ रहा है।आयुर्वेद और आधुनिक मेडिकल एक्सपर्ट्स दोनों मानते हैं कि खराब खानपान, तनाव, नींद की कमी, स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधि कम होने की वजह से आजकल लोगों में समय से पहले एजिंग की समस्या तेजी से बढ़ रही है।

 

हर समय थकान महसूस होना

अगर पूरी नींद लेने के बाद भी शरीर भारी लगे, सुबह उठने में आलस आए और दिनभर एनर्जी कम महसूस हो, तो यह सिर्फ काम का दबाव नहीं हो सकता। विशेषज्ञों के मुताबिक 35 के बाद लगातार थकान महसूस होना शरीर की धीमी होती मेटाबॉलिज्म और बढ़ती एजिंग का संकेत हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की कोशिकाएं पहले जैसी तेजी से काम नहीं करतीं। इसका असर ऊर्जा स्तर पर दिखाई देता है। अगर व्यक्ति पर्याप्त आराम के बावजूद थका हुआ महसूस करे, तो उसे अपनी जीवनशैली और स्वास्थ्य जांच पर ध्यान देना चाहिए।

 

त्वचा की चमक कम होना

35 के बाद त्वचा में बदलाव आना सामान्य माना जाता है, लेकिन अगर कम उम्र में ही चेहरे की चमक तेजी से कम होने लगे, झुर्रियां दिखने लगें या त्वचा ढीली महसूस हो, तो यह तेजी से बढ़ती एजिंग का संकेत हो सकता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कोलेजन का उत्पादन कम होने लगता है। यही कारण है कि त्वचा अपनी कसावट और चमक खोने लगती है। आजकल प्रदूषण, तनाव, कम पानी पीना और खराब खानपान भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं।

 

बालों का तेजी से झड़ना और सफेद होना

बालों का सफेद होना उम्र बढ़ने का सामान्य संकेत माना जाता है। लेकिन अगर 35 के आसपास ही बाल तेजी से झड़ने लगें या समय से पहले सफेद होने लगें, तो यह शरीर में पोषण की कमी, तनाव या हार्मोनल बदलाव का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार तनाव और खराब लाइफस्टाइल बालों की सेहत पर सीधा असर डालते हैं। कई मामलों में विटामिन बी12, आयरन और प्रोटीन की कमी भी बालों को कमजोर बना देती है।

 

छोटी-छोटी चीजें भूलना

अगर व्यक्ति बार-बार चीजें भूलने लगे, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत हो या दिमाग पहले जितना तेज महसूस न हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मानसिक थकान और ब्रेन फॉग भी एजिंग के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। आजकल लगातार मोबाइल इस्तेमाल, तनाव और नींद की कमी का असर दिमाग पर तेजी से पड़ रहा है। कई लोग इसे सामान्य भूलने की आदत समझ लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है।

 

वजन तेजी से बढ़ना

35 की उम्र के बाद कई लोग शिकायत करते हैं कि पहले की तुलना में वजन जल्दी बढ़ने लगा है और कम करना मुश्किल हो गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका कारण शरीर की धीमी होती मेटाबॉलिज्म है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर कैलोरी पहले जैसी तेजी से बर्न नहीं कर पाता। अगर इसके साथ शारीरिक गतिविधि कम हो जाए और खानपान असंतुलित हो, तो पेट और कमर के आसपास चर्बी तेजी से जमा होने लगती है। यही वजह है कि 35 के बाद फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

 

नींद पूरी होने के बाद भी फ्रेश महसूस न करना

आजकल बहुत से लोग यह महसूस करते हैं कि 7-8 घंटे सोने के बाद भी शरीर फ्रेश नहीं लगता। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह भी एजिंग का संकेत हो सकता है। असल में उम्र बढ़ने के साथ शरीर की रिकवरी क्षमता कम होने लगती है। देर रात तक स्क्रीन देखना, तनाव और अनियमित दिनचर्या इस समस्या को और बढ़ा देती है।अगर लंबे समय तक नींद के बाद भी थकान बनी रहे, तो यह शरीर के अंदर हो रहे बदलावों का संकेत हो सकता है।

 

जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द

35 की उम्र के बाद हल्का-फुल्का शरीर दर्द सामान्य माना जाता है, लेकिन अगर बार-बार जोड़ों में दर्द, अकड़न या मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का घनत्व धीरे-धीरे कम होने लगता है। साथ ही कैल्शियम और विटामिन डी की कमी भी हड्डियों और जोड़ों को प्रभावित करती है।

अगर व्यक्ति लंबे समय तक बैठकर काम करता है और एक्सरसाइज नहीं करता, तो यह समस्या और तेजी से बढ़ सकती है।

 

क्यों तेजी से बढ़ रही है समय से पहले एजिंग?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज की लाइफस्टाइल समय से पहले एजिंग का सबसे बड़ा कारण बनती जा रही है। देर रात तक जागना, तनाव, जंक फूड, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और बढ़ता स्क्रीन टाइम शरीर को तेजी से थका रहा है। इसके अलावा पॉल्यूशन और मेंटल स्ट्रेस का असर भी शरीर पर साफ दिखाई देने लगा है। यही वजह है कि अब कम उम्र में ही लोगों को थकान, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और स्किन एजिंग जैसी समस्याएं होने लगी हैं।

 

क्या एजिंग की प्रोसेस धीमी की जा सकती है?

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि एजिंग पूरी तरह रोकी नहीं जा सकती, लेकिन सही जीवनशैली अपनाकर इसे धीमा जरूर किया जा सकता है। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम, योग और तनाव कम करना शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद करता है। आयुर्वेद में भी शरीर की ऊर्जा और संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया जाता है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि 35 के बाद नियमित हेल्थ चेकअप भी जरूरी हो जाता है, ताकि शरीर में हो रहे बदलावों को समय रहते समझा जा सके।

 

शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें

बहुत से लोग थकान, वजन बढ़ना या त्वचा में बदलाव जैसी चीजों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर समय-समय पर संकेत देता है कि उसे देखभाल की जरूरत है।

अगर इन संकेतों को समय रहते समझ लिया जाए और जीवनशैली में सुधार किया जाए, तो लंबे समय तक शरीर को फिट और एक्टिव रखा जा सकता है। क्योंकि असली फिटनेस सिर्फ कम उम्र दिखने में नहीं, बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहने में है।