नौकरी करने वाले करोड़ों लोगों के लिए PF यानी प्रोविडेंट फंड सबसे बड़ा बचत फंड होता है। हर महीने सैलरी से कुछ पैसा PF में जाता है और कंपनी भी इसमें योगदान देती है। लेकिन जब जरूरत पड़ती है और लोग PF निकालने का फैसला करते हैं, तब सबसे बड़ा सवाल होता है कि क्या इस पैसे पर टैक्स लगेगा या नहीं।

हाल के दिनों में EPFO 3.0 की काफी चर्चा हुई है। UPI से PF निकालने, तेज क्लेम सेटलमेंट और डिजिटल सुविधाओं को लेकर कई बदलाव सामने आए हैं। लेकिन एक बात समझना बेहद जरूरी है कि PF निकालने का तरीका बदल सकता है, मगर टैक्स के नियम लगभग वही हैं। इसलिए PF निकालने से पहले इन नियमों को समझना जरूरी है। 

 

PF पर टैक्स लगता है या नहीं?

इस सवाल का जवाब सीधा भी है और थोड़ा पेचीदा भी। PF पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितने समय तक नौकरी की है और आपका PF खाता कितने साल तक लगातार चला है।

अगर किसी कर्मचारी ने 5 साल या उससे ज्यादा की लगातार सेवा पूरी कर ली है, तो आमतौर पर PF निकासी टैक्स फ्री मानी जाती है। यानी आपको निकाली गई रकम पर टैक्स नहीं देना पड़ता। लेकिन अगर 5 साल पूरे होने से पहले PF निकाल लिया जाता है, तो मामला थोड़ा अलग हो जाता है।

 

5 साल का नियम सबसे महत्वपूर्ण

PF टैक्सेशन में सबसे ज्यादा चर्चा 5 साल के नियम की होती है। आयकर नियमों के मुताबिक अगर किसी कर्मचारी की लगातार सेवा 5 साल से कम रही है और वह PF निकालता है, तो निकाली गई रकम टैक्स के दायरे में आ सकती है। 

हालांकि यहां एक बात और समझनी जरूरी है। अगर आपने नौकरी बदली है लेकिन पुराना PF नए PF खाते में ट्रांसफर कर दिया है, तो पिछली नौकरी की अवधि भी जोड़ी जाती है। यानी नौकरी बदलने से 5 साल की गिनती फिर से शुरू नहीं होती, बशर्ते आपने PF ट्रांसफर कराया हो। 

 

कब कटता है TDS?

बहुत से लोग यह सोचते हैं कि PF निकालते ही टैक्स कट जाएगा। ऐसा हमेशा नहीं होता। अगर 5 साल से पहले PF निकाला जाता है और निकासी राशि 50,000 रुपये से ज्यादा है, तो EPFO TDS काट सकता है। PAN जमा होने पर आमतौर पर 10 प्रतिशत TDS काटा जाता है। अगर PAN उपलब्ध नहीं है तो यह दर और ज्यादा हो सकती है। यही वजह है कि PF खाते में PAN अपडेट रखना बेहद जरूरी माना जाता है।

 

Form 15G और 15H कैसे बचा सकते हैं पैसा?

कई लोगों की आय टैक्स के दायरे में नहीं आती, लेकिन फिर भी PF निकासी के दौरान TDS कट जाता है। ऐसे मामलों में Form 15G या Form 15H मददगार साबित हो सकता है।

अगर आपकी कुल सालाना आय टैक्स योग्य सीमा से कम है, तो आप Form 15G जमा करके TDS कटने से बच सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए Form 15H का विकल्प होता है। हालांकि यह सुविधा सभी मामलों में लागू नहीं होती, इसलिए आवेदन करने से पहले नियम जरूर जांच लेने चाहिए।

 

EPFO 3.0 में क्या बदला?

EPFO 3.0 के तहत निकासी प्रक्रिया को काफी आसान बनाने की कोशिश की गई है। UPI और ATM जैसी सुविधाओं के जरिए PF निकालने की योजना पर काम हो रहा है। इसके अलावा ऑटो-क्लेम सेटलमेंट की सीमा भी बढ़ाई गई है ताकि लोगों को जल्दी पैसा मिल सके। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि निकासी का माध्यम बदलने से टैक्स नियम नहीं बदलते। चाहे आप पैसा ऑनलाइन निकालें, UPI से लें या भविष्य में ATM से निकालें, टैक्स का फैसला सेवा अवधि और निकासी की शर्तों के आधार पर ही होगा। 

 

बेरोजगारी में PF निकासी के नियम

अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है तो PF निकासी के अलग नियम लागू होते हैं। कुछ परिस्थितियों में एक महीने की बेरोजगारी के बाद PF का बड़ा हिस्सा निकाला जा सकता है और लंबे समय तक बेरोजगार रहने पर पूरी राशि निकालने की अनुमति भी मिल सकती है। हालांकि निकासी की अनुमति मिलने का मतलब यह नहीं है कि टैक्स अपने आप खत्म हो जाएगा। टैक्स के नियम फिर भी सेवा अवधि के आधार पर लागू होंगे।

 

आंशिक निकासी पर क्या नियम हैं?

PF का पैसा हमेशा पूरी तरह निकालना जरूरी नहीं होता। मेडिकल इमरजेंसी, घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई या शादी जैसी जरूरतों के लिए आंशिक निकासी भी की जा सकती है। EPFO 3.0 में कई श्रेणियों को आसान बनाया गया है ताकि सदस्य जल्दी पैसा निकाल सकें। कई मामलों में ये निकासी टैक्स के लिहाज से अलग तरह से देखी जाती हैं, इसलिए आवेदन से पहले नियम समझ लेना बेहतर होता है।

 

नौकरी बदलते समय सबसे बड़ी गलती

वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि नौकरी बदलने के बाद सबसे बड़ी गलती PF निकाल लेना होती है। बहुत से लोग नई नौकरी मिलने पर भी पुराना PF निकाल लेते हैं। इससे दो नुकसान होते हैं। पहला, रिटायरमेंट फंड कम हो जाता है। दूसरा, 5 साल की लगातार सेवा का फायदा भी खत्म हो सकता है। विशेषज्ञ आमतौर पर PF निकालने के बजाय उसे नए खाते में ट्रांसफर करने की सलाह देते हैं। 

 

ITR में जानकारी देना भी जरूरी

अगर PF निकासी टैक्स योग्य है तो उसकी जानकारी आयकर रिटर्न में देनी होती है। वहीं टैक्स फ्री निकासी के मामलों में भी कई विशेषज्ञ इसे उचित सेक्शन में दिखाने की सलाह देते हैं ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो। 

 

हमारी राय

PF सिर्फ बचत नहीं बल्कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा आधार है। इसलिए इसे निकालने का फैसला जल्दबाजी में नहीं करना चाहिए। EPFO 3.0 ने प्रक्रिया को आसान जरूर बनाया है, लेकिन टैक्स के नियम अभी भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। PF निकालने से पहले 5 साल की सेवा अवधि, TDS नियम, PAN अपडेट और Form 15G जैसी बातों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। थोड़ी सी जानकारी आपको हजारों रुपये के अनावश्यक टैक्स और कटौती से बचा सकती है।