आज के समय में बहुत से लोग अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, लेकिन सबसे बड़ी परेशानी आती है पैसों की। कई बार अच्छा आइडिया होने के बाद भी लोग सिर्फ पूंजी की कमी की वजह से अपना काम शुरू नहीं कर पाते। ऐसे लोगों के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी पीएमईजीपी योजना काफी मददगार साबित हो सकती है। इस योजना के तहत नए छोटे उद्योग और कारोबार शुरू करने के लिए बैंक के जरिए लोन दिया जाता है और सरकार की तरफ से सब्सिडी भी मिलती है। 

पीएमईजीपी योजना का मकसद युवाओं, छोटे कारोबारियों और नए उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए बढ़ावा देना है, ताकि लोग नौकरी ढूंढने के बजाय अपना काम शुरू कर सकें और दूसरों को भी रोजगार दे सकें। इस योजना को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय यानी एमएसएमई के तहत चलाया जाता है। 

 

क्या है पीएमईजीपी योजना?

पीएमईजीपी यानी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना है। आसान भाषा में समझें तो इसमें सरकार सीधे पैसे नहीं देती, बल्कि बैंक के जरिए लोन दिलाने में मदद करती है और उस लोन पर एक निश्चित प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है।

इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति मैन्युफैक्चरिंग यानी उत्पादन से जुड़ा बिजनेस शुरू करना चाहता है तो उसे 50 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट के लिए सहायता मिल सकती है। वहीं सर्विस सेक्टर के लिए 20 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट की सुविधा दी जाती है। यानी अगर किसी के पास कोई बिजनेस आइडिया है जैसे छोटी फैक्ट्री, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, कपड़ा उद्योग, फर्नीचर, रिपेयरिंग सेंटर या कोई सर्विस आधारित काम, तो वह इस योजना के जरिए शुरुआत कर सकता है।

 

कितनी मिलती है सब्सिडी?

पीएमईजीपी योजना की सबसे खास बात इसकी सब्सिडी है। इसमें पात्र लोगों को प्रोजेक्ट लागत पर 15 प्रतिशत से लेकर 35 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सब्सिडी मिल सकती है। सब्सिडी की राशि व्यक्ति की कैटेगरी और जगह के हिसाब से अलग-अलग होती है। 

सामान्य वर्ग के लोगों के लिए ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा और शहरी क्षेत्र में कम सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं विशेष श्रेणी जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, महिलाएं, अल्पसंख्यक, दिव्यांग और कुछ अन्य वर्गों को ज्यादा सब्सिडी का फायदा मिल सकता है। 

उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति का बिजनेस प्रोजेक्ट 10 लाख रुपये का है और वह 35 प्रतिशत सब्सिडी के लिए पात्र है तो सरकार की ओर से 3.5 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। बाकी राशि बैंक लोन और लाभार्थी के योगदान से पूरी की जाती है।

 

कौन ले सकता है योजना का फायदा?

इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। नए बिजनेस शुरू करने वाले व्यक्ति इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। बड़े प्रोजेक्ट के लिए शैक्षणिक योग्यता की शर्त भी रखी गई है। इस योजना में सिर्फ व्यक्ति ही नहीं बल्कि कुछ संस्थाएं जैसे स्वयं सहायता समूह, ट्रस्ट और कुछ अन्य योग्य संस्थाएं भी नियमों के अनुसार आवेदन कर सकती हैं। हालांकि ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह योजना नए उद्यम शुरू करने के लिए है। पहले से चल रहे सामान्य बिजनेस के लिए इसका फायदा हर स्थिति में नहीं मिलता।

 

किन कामों के लिए मिल सकता है लोन?

पीएमईजीपी के तहत कई तरह के छोटे उद्योग शुरू किए जा सकते हैं। जैसे अगर कोई व्यक्ति अगरबत्ती बनाने का काम, पैकेजिंग यूनिट, फूड प्रोडक्ट बनाने का काम, डेयरी से जुड़ा काम, रेडीमेड कपड़ों का कारोबार, छोटे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट या सर्विस सेंटर खोलना चाहता है तो वह योजना के तहत आवेदन कर सकता है।इसका उद्देश्य सिर्फ पैसा देना नहीं बल्कि लोगों को अपना रोजगार खड़ा करने का मौका देना है। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में यह योजना लोगों के लिए काफी उपयोगी हो सकती है।

 

आवेदन कैसे करें?

पीएमईजीपी के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। इसके लिए आवेदक को अपना बिजनेस प्लान यानी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी होती है। इसमें बिजनेस की जानकारी, लागत, कमाई की संभावना और जरूरतों का विवरण देना होता है। आवेदन के साथ पहचान पत्र, आधार कार्ड, फोटो, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं। आवेदन के बाद संबंधित एजेंसी और बैंक द्वारा प्रोजेक्ट की जांच की जाती है। अगर बैंक को प्रोजेक्ट सही लगता है तो लोन प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

 

क्या बिना गारंटी के भी मिल सकता है लोन?

पीएमईजीपी में छोटे प्रोजेक्ट के लिए कुछ मामलों में बिना गारंटी लोन की सुविधा भी उपलब्ध है। रिपोर्ट्स के अनुसार 10 लाख रुपये तक के लोन पर कोलेटरल सिक्योरिटी से छूट का प्रावधान है। हालांकि अंतिम फैसला बैंक की प्रक्रिया और नियमों के आधार पर होता है।

 

युवाओं के लिए क्यों खास है यह योजना?

आज बहुत से युवा नौकरी के साथ-साथ अपना स्टार्टअप या छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। लेकिन शुरुआती निवेश की कमी उनके रास्ते में बड़ी बाधा बनती है। पीएमईजीपी जैसी योजनाएं ऐसे लोगों को आगे बढ़ने का मौका देती हैं। इसके जरिए न सिर्फ एक व्यक्ति अपना रोजगार बना सकता है बल्कि आगे चलकर दूसरे लोगों को भी नौकरी दे सकता है।

 

किन बातों का रखें ध्यान?

योजना के लिए आवेदन करने से पहले बिजनेस आइडिया को अच्छे से समझना जरूरी है। सिर्फ लोन मिलने के भरोसे कोई काम शुरू नहीं करना चाहिए। बाजार की मांग, खर्च, कमाई और जोखिम को समझकर ही कदम उठाना चाहिए। साथ ही किसी एजेंट के झांसे में आने से बचना चाहिए। आवेदन की प्रक्रिया खुद आधिकारिक माध्यमों से करना ज्यादा सुरक्षित रहता है।

 

हमारी राय

PMEGP योजना उन लोगों के लिए एक अच्छा मौका हो सकती है जो अपना छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन पैसों की कमी से परेशान हैं। 50 लाख रुपये तक की परियोजना सहायता और 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी कई लोगों के लिए शुरुआत आसान बना सकती है। हालांकि किसी भी सरकारी योजना का फायदा तभी सही तरीके से मिलता है जब व्यक्ति सही प्लानिंग के साथ काम करे। सिर्फ लोन मिल जाना सफलता की गारंटी नहीं है, बिजनेस को चलाने के लिए मेहनत, सही रणनीति और बाजार की समझ भी उतनी ही जरूरी है।