देश में ऐसे कई लोग हैं जो कम आय या असंगठित क्षेत्र में काम करने की वजह से महंगे बीमा नहीं ले पाते। ऐसे लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इन्हीं में से एक योजना है आम आदमी बीमा योजना (एएबीवाई)। इस योजना का उद्देश्य गरीब, ग्रामीण और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बीमा सुरक्षा देना है, ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक मदद मिल सके।

इस योजना में कम प्रीमियम के जरिए जीवन बीमा और दिव्यांगता कवर जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। इसके अलावा पात्र लोगों के बच्चों को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति का लाभ भी मिल सकता है। 

 

क्या है आम आदमी बीमा योजना?

आम आदमी बीमा योजना केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी एक बीमा योजना है, जिसे भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी के जरिए लागू किया जाता है। इस योजना को खासतौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और जिनके पास निजी बीमा लेने के लिए पर्याप्त साधन नहीं होते। 

इस योजना के तहत चिन्हित कामगार समूहों, ग्रामीण भूमिहीन परिवारों और असंगठित क्षेत्र के लोगों को जीवन बीमा और दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता दी जाती है। आसान भाषा में समझें तो अगर बीमा लेने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो उसके परिवार को आर्थिक सहारा देने के लिए यह योजना मदद करती है।

 

सिर्फ 200 रुपये के प्रीमियम में मिलता है बीमा कवर

आम आदमी बीमा योजना की सबसे खास बात इसका कम खर्च है। इस योजना के तहत सालाना करीब 200 रुपये के प्रीमियम पर बीमा कवर मिलता है। कई मामलों में इस प्रीमियम का हिस्सा सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से भी वहन किया जाता है। कम आय वाले लोगों के लिए यह योजना इसलिए फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि उन्हें बहुत कम खर्च में जीवन सुरक्षा मिल जाती है।

 

कौन लोग ले सकते हैं इस योजना का फायदा?

आम आदमी बीमा योजना का लाभ हर व्यक्ति को नहीं मिलता, बल्कि इसके लिए कुछ पात्रताएं तय की गई हैं। इस योजना के लिए आमतौर पर आवेदक की उम्र 18 साल से 59 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा लाभार्थी परिवार का मुखिया, कमाने वाला सदस्य या चिन्हित व्यावसायिक समूह से जुड़ा व्यक्ति होना चाहिए। ग्रामीण भूमिहीन परिवारों और कुछ असंगठित क्षेत्र के कामगारों को भी इसमें शामिल किया गया है। 

 

किन लोगों को मिल सकता है लाभ?

इस योजना में कई तरह के काम करने वाले लोगों को शामिल किया गया है। जैसे मजदूर, कारीगर, छोटे कामगार, ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले लोग और कई अन्य असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी इसके दायरे में आ सकते हैं। इसका मकसद यही है कि जिन लोगों के पास नौकरी से मिलने वाली बीमा सुविधा नहीं है, उन्हें भी किसी मुश्किल समय में आर्थिक मदद मिल सके।

 

मृत्यु होने पर कितना मिलता है पैसा?

अगर बीमा धारक की सामान्य यानी प्राकृतिक मृत्यु हो जाती है तो योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में ज्यादा सहायता का प्रावधान है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 75 हजार रुपये तक और दिव्यांगता की स्थिति में भी नियमों के अनुसार सहायता राशि मिल सकती है। आंशिक स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में अलग प्रावधान है। यह रकम भले बहुत बड़ी न लगे, लेकिन कम आय वाले परिवारों के लिए अचानक आई परेशानी के समय काफी मददगार साबित हो सकती है।

 

बच्चों की पढ़ाई के लिए भी मिलता है लाभ

इस योजना की एक खास बात यह है कि बीमा लेने वाले व्यक्ति के बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ भी मिल सकता है। पात्र बच्चों को 9वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे योजना सिर्फ बीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं रहती बल्कि परिवार के बच्चों की शिक्षा को भी सपोर्ट करती है।

 

क्लेम कैसे किया जाता है?

अगर बीमा धारक की मृत्यु हो जाती है तो उसके नामित व्यक्ति यानी नॉमिनी को क्लेम करने का अधिकार होता है। इसके लिए जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। मृत्यु प्रमाण पत्र, पहचान से जुड़े दस्तावेज और योजना से संबंधित कागजात की जरूरत पड़ सकती है। दुर्घटना की स्थिति में एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस रिपोर्ट जैसे दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। 

 

योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

आम आदमी बीमा योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इनमें आधार कार्ड, पहचान पत्र, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र या उम्र से जुड़े दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा काम या पात्रता से जुड़े प्रमाण भी मांगे जा सकते हैं।

 

इस योजना का महत्व क्यों बढ़ जाता है?

भारत में बड़ी संख्या में लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। ऐसे लोगों के पास अक्सर नियमित आय या बीमा जैसी सुविधाएं नहीं होतीं। ऐसे में अचानक बीमारी, दुर्घटना या मृत्यु जैसी स्थिति परिवार को आर्थिक संकट में डाल सकती है। आम आदमी बीमा योजना जैसी योजनाएं ऐसे परिवारों को कुछ हद तक सुरक्षा देने का काम करती हैं।

 

क्या यह योजना अभी भी उतनी ही सक्रिय है?

समय के साथ सरकार ने बीमा क्षेत्र में कई नई योजनाएं शुरू की हैं। कुछ योजनाओं का आपस में विलय भी हुआ है और नई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी आई हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति को आवेदन करने से पहले अपने राज्य की संबंधित एजेंसी या आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए। 

 

हमारी राय

आम आदमी बीमा योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कम आय वाले लोगों को कम खर्च में सुरक्षा देने की कोशिश करती है। गरीब और असंगठित क्षेत्र के परिवारों के लिए ऐसी योजनाएं किसी मुश्किल समय में बड़ा सहारा बन सकती हैं।

हालांकि सिर्फ योजना शुरू होना काफी नहीं है, जरूरी यह भी है कि सही जानकारी लोगों तक पहुंचे और पात्र व्यक्ति आसानी से इसका लाभ उठा सकें। बीमा आज के समय में हर परिवार की जरूरत बन चुका है, इसलिए लोगों को ऐसी सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी जरूर रखनी चाहिए।