देश के ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आजीविका से जुड़ी एक बड़ी योजना में बदलाव हो गया है। केंद्र सरकार ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM-G Act को 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया है। यह नई योजना पुराने मनरेगा (MGNREGA) की जगह लेकर आई है। सरकार का कहना है कि नई योजना का उद्देश्य सिर्फ रोजगार देना नहीं बल्कि गांवों में स्थायी विकास और आजीविका के नए अवसर पैदा करना है। VB-G RAM-G को ग्रामीण रोजगार व्यवस्था का नया मॉडल बताया जा रहा है। इसमें रोजगार के साथ-साथ गांवों में विकास कार्य, बेहतर संसाधन निर्माण और आजीविका बढ़ाने पर जोर दिया गया है। 

 

VB-G RAM-G क्या है और क्यों लाई गई नई योजना?

VB-G RAM-G यानी Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Aajeevika Mission (Gramin) एक नई ग्रामीण रोजगार योजना है। सरकार का कहना है कि बदलते समय के साथ गांवों की जरूरतें भी बदली हैं, इसलिए रोजगार योजना को सिर्फ मजदूरी तक सीमित रखने के बजाय इसे गांवों के विकास और लोगों की आय बढ़ाने से जोड़ने की जरूरत है।

पुरानी मनरेगा योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी आधारित रोजगार उपलब्ध कराना था। वहीं VB-G RAM-G में रोजगार के साथ-साथ ऐसे कामों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा जिनसे गांवों में लंबे समय तक फायदा हो सके। सरकार के अनुसार इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को अपने गांव में ही काम मिलने की संभावना मजबूत होगी। 

 

मनरेगा और VB-G RAM-G में क्या बड़ा बदलाव है?

सबसे बड़ा बदलाव रोजगार के दिनों को लेकर है। नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले मनरेगा में 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान था। यानी सरकार का दावा है कि नई योजना में ग्रामीण मजदूरों को पहले से ज्यादा काम के दिन मिलेंगे।इसके अलावा नई योजना में रोजगार को गांवों के विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इसमें ऐसे कामों को बढ़ावा दिया जाएगा जिनसे गांवों में स्थायी संपत्ति तैयार हो सके और लोगों की आजीविका मजबूत हो।

 

मजदूरों की मजदूरी कितनी होगी?

VB-G RAM-G लागू होने के साथ ही मजदूरी दरों में भी बदलाव किया गया है। सरकार ने योजना के तहत न्यूनतम दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन तय किया है। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से मजदूरी इससे ज्यादा भी हो सकती है। मजदूरी बढ़ने से ग्रामीण श्रमिकों की आय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि मजदूरों के लिए सबसे अहम बात यही होगी कि उन्हें समय पर काम मिले और भुगतान प्रक्रिया आसान रहे।

 

क्या पुराने मनरेगा जॉब कार्ड खत्म हो जाएंगे?

इस बदलाव के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या पुराने मनरेगा जॉब कार्ड बेकार हो जाएंगे? सरकार के मुताबिक जिन परिवारों के पास पहले से मनरेगा जॉब कार्ड हैं, उन्हें नए सिरे से शुरुआत करने की जरूरत नहीं होगी। मौजूदा रिकॉर्ड और प्रक्रिया के जरिए ही नई व्यवस्था में काम किया जाएगा। नए पात्र परिवार ग्राम पंचायत के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकेंगे।

 

ग्राम पंचायत की बढ़ेगी भूमिका

VB-G RAM-G में गांवों की योजना बनाने में ग्राम पंचायतों की भूमिका को अहम बताया गया है। सरकार के अनुसार गांव के लोग और पंचायत मिलकर तय करेंगे कि उनके इलाके में किस तरह के कामों की जरूरत है। इसका उद्देश्य यह है कि विकास कार्य ऊपर से तय होने के बजाय स्थानीय जरूरतों के हिसाब से हों। अगर किसी गांव में पानी, सड़क, सिंचाई या दूसरे संसाधनों की जरूरत है तो उसी हिसाब से कामों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

 

योजना के लिए कैसे मिलेगा काम?

ग्रामीण परिवारों को रोजगार पाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पात्र परिवार काम की मांग कर सकते हैं और नियमों के अनुसार उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का कहना है कि कोशिश रहेगी कि कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक रोजगार से वंचित न रहे। अगर तय समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो योजना के नियमों के अनुसार बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान भी रखा गया है।

 

सरकार ने क्यों बताया इसे बड़ा बदलाव?

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने VB-G RAM-G को ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उनका कहना है कि इस योजना का मकसद गांवों को मजबूत बनाना और ग्रामीणों को रोजगार के साथ बेहतर आजीविका देना है। सरकार का मानना है कि सिर्फ अस्थायी मजदूरी देने के बजाय ऐसे काम होने चाहिए जिनसे गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।

 

राज्यों और केंद्र की भूमिका क्या होगी?

नई योजना को लागू करने के लिए केंद्र और राज्यों दोनों की भूमिका होगी। सरकार ने इसके संचालन के लिए बड़ी राशि का प्रावधान किया है ताकि योजना की शुरुआत सुचारू तरीके से हो सके। कई राज्यों ने योजना को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं और इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 

 

इस योजना से ग्रामीणों को क्या फायदा हो सकता है?

अगर योजना सही तरीके से लागू होती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में कई फायदे देखने को मिल सकते हैं। रोजगार के ज्यादा दिन मिलने से परिवारों की आय में सुधार हो सकता है। इसके अलावा गांवों में सड़क, जल संरक्षण, सिंचाई और अन्य विकास कार्य बढ़ने से लंबे समय में लोगों को फायदा मिल सकता है।

 

चुनौतियां भी रहेंगी

किसी भी सरकारी योजना की सफलता सिर्फ घोषणा से नहीं बल्कि जमीन पर लागू होने से तय होती है। VB-G RAM-G के सामने भी सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि जरूरतमंद लोगों तक रोजगार समय पर पहुंचे। इसके अलावा पारदर्शिता, भुगतान में देरी और स्थानीय स्तर पर सही निगरानी जैसी चीजें भी अहम रहेंगी।

 

हमारी राय

VB-G RAM-G को ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 करना और गांवों के विकास से रोजगार को जोड़ना एक सकारात्मक कदम हो सकता है। लेकिन किसी भी योजना की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसका फायदा वास्तव में गांव के मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों तक कितना पहुंचता है। अगर पंचायत स्तर पर सही तरीके से काम होता है, भुगतान समय पर मिलता है और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण रहता है तो यह योजना ग्रामीण भारत के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। नई योजना उम्मीद तो जगाती है, लेकिन इसकी असली परीक्षा अब इसके लागू होने के बाद जमीन पर होगी।