डिजिटल दौर में मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप की स्क्रीन पर लंबे समय तक काम करने से आंखों पर काफी दबाव पड़ रहा है। इससे कम उम्र में ही चश्मा लगना आम हो गया है और आंखों की कई समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लोग दिल, लिवर या मांसपेशियों की फिटनेस के लिए जिम जाते हैं, लेकिन आंखों की देखभाल पर बहुत कम ध्यान देते हैं। नेत्र विशेषज्ञों और आयुर्वेदिक जानकारों का कहना है कि योग, प्राणायाम, सही आहार और कुछ सरल घरेलू उपायों से आंखों की रोशनी बेहतर बनाई जा सकती है और कई मामलों में चश्मे की संख्या कम भी की जा सकती है।

 

आंखें शरीर की सेहत का आईना होती हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने हाल ही में रेटिना की नसों को ट्रैक करने वाली तकनीक विकसित की है, जो डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी बीमारियों का शुरुआती संकेत दे सकती है। इससे साफ होता है कि आंखों की सेहत को नजरअंदाज करना पूरे शरीर के लिए जोखिम भरा है।

 

आंखों से जुड़ी आम समस्याएं और उनके लक्षण

 

आजकल मोतियाबिंद, निकट दृष्टि दोष, ड्राई आई सिंड्रोम और ग्लूकोमा जैसी परेशानियां बहुत आम हो गई हैं। मोतियाबिंद में आंख का लेंस धुंधला हो जाता है, जबकि निकट दृष्टि दोष में दूर की चीजें साफ नहीं दिखतीं। ग्लूकोमा सबसे खतरनाक है, जो आंख की नस को नुकसान पहुंचाकर स्थायी अंधापन का कारण बन सकता है। 40 साल की उम्र के बाद अगर बार-बार धुंधला दिखना, सिरदर्द रहना, रात में रोशनी चुभना या आंखों के आसपास दर्द महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। डायबिटीज के मरीजों में ग्लूकोमा का खतरा सामान्य से दोगुना होता है और भारत में इस बीमारी के करोड़ों मरीज हैं।

 

स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से आंखों की समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे बेचैनी, चिड़चिड़ापन, गुस्सा और सुस्ती जैसी शिकायतें आम हैं। बच्चों में ओटीटी, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग के कारण रोशनी तेजी से कम हो रही है। ऐसे में स्क्रीन टाइम कम करना और आंखों की देखभाल शुरू करना बहुत जरूरी है।

 

आंखों के लिए फायदेमंद आहार और विटामिन्स

 

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए डाइट में गाजर, शकरकंद, स्ट्रॉबेरी और आंवला जैसी चीजों को शामिल करें। गाजर विटामिन ए का बेहतरीन स्रोत है, जो रोशनी मजबूत करता है। शकरकंद में बीटा-कैरोटीन भरपूर होता है, जो रेटिना की सुरक्षा करता है। स्ट्रॉबेरी और आंवला विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो आंखों को मजबूत बनाते हैं और उम्र से जुड़ी समस्याओं से बचाते हैं। इनका नियमित सेवन आंखों के लिए बहुत लाभदायक साबित होता है।

 

आयुर्वेदिक नुस्खे जो चश्मा कम करने में मदद करते हैं

 

आयुर्वेद में आंखों की रोशनी बढ़ाने के कई आसान उपाय हैं। बादाम, सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर बारीक पीस लें। इस चूर्ण को रात में सोने से पहले एक चम्मच गर्म दूध के साथ लें। इससे आंखों में सुधार होता है। महात्रिफला घृत को गर्म दूध के साथ भोजन के बाद लेने से भी फायदा मिलता है। सुबह खाली पेट एलोवेरा और आंवले का जूस पीने से आंखों की सेहत बेहतर रहती है। ये नुस्खे आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और रोशनी बढ़ाने में कारगर हैं।

 

योग और प्राणायाम से आंखों की मांसपेशियां मजबूत करें

 

आंखों के लिए योग और एक्सरसाइज बहुत फायदेमंद हैं। सुबह-शाम 30 मिनट प्राणायाम करें। अनुलोम-विलोम से रक्त संचार बेहतर होता है और आंखों तक ऑक्सीजन पहुंचता है। भ्रामरी प्राणायाम तनाव कम करता है और आंखों को आराम देता है। त्राटक योग में दीपक की लौ या किसी स्थिर बिंदु को बिना पलक झपकाए देखें। इससे आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और फोकस बढ़ता है।

 

नेत्र व्यायाम रोजाना करें। आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं घुमाएं, गोल-गोल चक्कर लगाएं और पास-दूर की चीजों पर फोकस करें। ये व्यायाम आंखों की मांसपेशियों को लचीला बनाते हैं और रोशनी बढ़ाने में मदद करते हैं।

 

जीवनशैली में बदलाव लाएं, आंखों को स्वस्थ रखें

 

छोटे बदलाव बड़े फर्क डालते हैं। हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए स्क्रीन से नजर हटाएं और 20 फीट दूर किसी चीज पर फोकस करें। यह 20-20-20 नियम आंखों के तनाव को कम करता है। रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें। धूप में निकलते समय धूप का चश्मा पहनें। खूब पानी पिएं और धूम्रपान से दूर रहें। नियमित आंखों की जांच कराते रहें।

 

मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, प्रदूषण, ठंडी हवा और ज्यादा स्क्रीन टाइम आंखों के दुश्मन हैं। इनसे बचाव करके और बताए उपाय अपनाकर आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है। कई लोगों ने योग और आयुर्वेदिक तरीकों से चश्मे की संख्या कम की है और कुछ ने पूरी तरह छोड़ दिया है। लेकिन कोई भी नया उपाय शुरू करने से पहले नेत्र विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

 

आंखें जीवन का सबसे कीमती हिस्सा हैं। इनकी सही देखभाल से न सिर्फ तेज नजर बनी रहती है, बल्कि पूरे शरीर की सेहत भी बेहतर होती है। नियमित व्यायाम, संतुलित खान-पान और स्वस्थ आदतों से उम्र बढ़ने पर भी आंखें तेज रह सकती हैं।

 

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। The Headlines हिंदी अपने पाठकों को हेल्थ, डाइट और फिटनेस से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने डॉक्टरों से सलाह लेने का सुझाव देता है।