आजकल फैटी लिवर (Fatty Liver) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले इसे सिर्फ ज्यादा शराब पीने वालों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी इस समस्या का शिकार हो रहे हैं जो शराब बिल्कुल नहीं पीते। गलत खान-पान, घंटों बैठे रहना, मोटापा, डायबिटीज और तनाव इसके बड़े कारण बन रहे हैं।
अच्छी बात यह है कि शुरुआती स्टेज में फैटी लिवर को काफी हद तक ठीक या रिवर्स किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए सिर्फ दवा ही नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल में बदलाव भी जरूरी होता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि Gym करें, Yoga करें या रोज Walk करें? आखिर इनमें से सबसे ज्यादा फायदा किससे मिलता है?
सबसे पहले समझिए फैटी लिवर होता क्या है?
जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है, तो उसे फैटी लिवर कहा जाता है। शुरुआत में इसके कोई खास लक्षण नहीं दिखते, इसलिए कई लोगों को पता भी नहीं चलता कि उन्हें यह समस्या है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह आगे चलकर लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस, सिरोसिस और गंभीर मामलों में लिवर फेलियर जैसी स्थितियों तक पहुंच सकता है। इसी वजह से डॉक्टर शुरुआत से ही वजन नियंत्रित रखने और नियमित एक्सरसाइज की सलाह देते हैं।
क्या सिर्फ दवा से ठीक हो जाएगा फैटी लिवर?
कई लोग सोचते हैं कि कुछ दवाइयां खाने से फैटी लिवर ठीक हो जाएगा। लेकिन सच्चाई यह है कि ज्यादातर मामलों में डॉक्टर सबसे पहले लाइफस्टाइल सुधारने की सलाह देते हैं। अगर वजन ज्यादा है, तो उसे कम करना, रोज शारीरिक गतिविधि करना, संतुलित भोजन लेना और पर्याप्त नींद लेना इलाज का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। यानी दवा से ज्यादा असर आपकी रोज की आदतें डालती हैं।
फैटी लिवर में वॉक क्यों मानी जाती है फायदेमंद?
अगर आप बिल्कुल भी एक्सरसाइज नहीं करते हैं, तो रोजाना तेज कदमों से 30 से 45 मिनट तक चलना एक शानदार शुरुआत हो सकती है। वॉक करने से शरीर की कैलोरी बर्न होती है, वजन कम होने लगता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होती है। इसका सीधा फायदा लिवर पर पड़ता है क्योंकि धीरे-धीरे वहां जमा अतिरिक्त फैट कम होने लगता है। सबसे अच्छी बात यह है कि वॉक लगभग हर उम्र का व्यक्ति कर सकता है और इसके लिए किसी महंगे उपकरण की भी जरूरत नहीं होती।
क्या योग से भी फैटी लिवर कम हो सकता है?
योग केवल शरीर को लचीला बनाने तक सीमित नहीं है। कई योगासन और प्राणायाम शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने, तनाव कम करने और पाचन सुधारने में मदद कर सकते हैं। फैटी लिवर के मरीजों के लिए योग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे तनाव कम होता है। क्योंकि लगातार तनाव भी हार्मोनल बदलाव के जरिए शरीर में फैट बढ़ाने का कारण बन सकता है। हालांकि यह याद रखना जरूरी है कि केवल योग करने से ही फैटी लिवर पूरी तरह ठीक हो जाएगा, ऐसा मानना सही नहीं है। इसके साथ सही खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
जिम करना कितना फायदेमंद है?
अगर आपकी उम्र, स्वास्थ्य और डॉक्टर की सलाह इसकी अनुमति देती है, तो जिम भी फैटी लिवर में काफी मददगार हो सकता है। जिम में कार्डियो एक्सरसाइज और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों का फायदा मिलता है। इससे वजन तेजी से नियंत्रित होता है, मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और शरीर में फैट प्रतिशत कम होने लगता है।कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि नियमित एक्सरसाइज, चाहे वजन बहुत ज्यादा कम न भी हो, फिर भी लिवर में जमा फैट कम करने में मदद कर सकती है।
आखिर सबसे ज्यादा असर किसका होता है?
अगर तुलना की जाए तो कोई एक विकल्प ऐसा नहीं है जिसे हर व्यक्ति के लिए सबसे बेहतर कहा जा सके।अगर आप बिल्कुल नए हैं और कभी एक्सरसाइज नहीं की है, तो वॉक सबसे आसान शुरुआत है। अगर आपको तनाव ज्यादा रहता है और शरीर में लचीलापन भी बढ़ाना चाहते हैं, तो योग अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर आपका लक्ष्य तेजी से वजन कम करना और फिटनेस बढ़ाना है, तो जिम बेहतर परिणाम दे सकता है।यानी सबसे अच्छा विकल्प आपकी उम्र, फिटनेस, वजन और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।
क्या तीनों को साथ में किया जा सकता है?
बिल्कुल किया जा सकता है। बल्कि कई फिटनेस विशेषज्ञ यही सलाह देते हैं कि वॉक, योग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का संतुलित मिश्रण सबसे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। उदाहरण के लिए आप सप्ताह में 4–5 दिन तेज वॉक कर सकते हैं, 2–3 दिन हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कर सकते हैं और रोज 15–20 मिनट योग या प्राणायाम भी कर सकते हैं। इस तरह शरीर को हर तरह की एक्सरसाइज का फायदा मिलता है।
खान-पान पर भी देना होगा ध्यान
अगर आप रोज जिम जा रहे हैं लेकिन बाहर का जंक फूड भी लगातार खा रहे हैं, तो फैटी लिवर जल्दी ठीक नहीं होगा। फैटी लिवर में तली-भुनी चीजें, ज्यादा चीनी, कोल्ड ड्रिंक, प्रोसेस्ड फूड और जरूरत से ज्यादा मैदा खाने से बचना चाहिए। इसके बजाय हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, पर्याप्त प्रोटीन और भरपूर पानी को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।
किन लोगों को डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए?
अगर आपको पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, गंभीर मोटापा या लिवर से जुड़ी दूसरी समस्या है, तो कोई भी नया एक्सरसाइज रूटीन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा अगर एक्सरसाइज करते समय सीने में दर्द, सांस फूलना या चक्कर आने जैसी समस्या हो, तो तुरंत रुककर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
फैटी लिवर को हल्के में न लें
कई लोग सोचते हैं कि फैटी लिवर कोई गंभीर बीमारी नहीं है, इसलिए इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यही समस्या आगे चलकर लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए जैसे ही फैटी लिवर का पता चले, उसी समय से अपनी जीवनशैली सुधारना शुरू कर देना चाहिए।
हमारी राय
अगर सवाल यह है कि Gym, Yoga और Walk में सबसे अच्छा कौन-सा है, तो इसका एक ही जवाब है जो आप नियमित रूप से कर सकें, वही सबसे अच्छा है। केवल एक-दो दिन जिम जाकर छोड़ देना या कभी-कभार योग करने से ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा। फैटी लिवर से उबरने के लिए रोजाना तेज चाल से वॉक, सप्ताह में कुछ दिन हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, नियमित योग और संतुलित खान-पान का मेल सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है। साथ ही समय-समय पर डॉक्टर की सलाह और जांच भी कराते रहें, ताकि लिवर की स्थिति पर नजर बनी रहे।









