गर्मी अब पहले जैसी नहीं रही। अप्रैल शुरू होते ही कई शहरों में तापमान चालीस डिग्री के पार पहुंच जाता है। ऐसे में एसी अब लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है। लेकिन जब लोग नया एसी खरीदने निकलते हैं तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर पोर्टेबल एसी लें या विंडो एसी। दोनों की कीमत, कूलिंग और बिजली खपत अलग-अलग होती है। ऐसे में सही विकल्प चुनना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।

हाल के दिनों में पोर्टेबल एसी का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। सोशल मीडिया पर इसके विज्ञापन खूब दिखाई देते हैं। दावा किया जाता है कि इसे कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है और इंस्टॉलेशन का झंझट भी नहीं होता। दूसरी तरफ विंडो एसी सालों से भारतीय घरों में इस्तेमाल हो रहा है और इसे भरोसेमंद माना जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर दोनों में बेहतर कौन है।

 

सबसे पहले समझिए दोनों एसी में फर्क क्या है?

पोर्टेबल एसी एक ऐसा एसी होता है जिसे कमरे के अंदर रखा जाता है। इसके नीचे पहिए लगे होते हैं ताकि इसे एक कमरे से दूसरे कमरे में आसानी से ले जाया जा सके। इसमें एक पाइप या होज लगा होता है जो कमरे की गर्म हवा को बाहर निकालता है। यह उन लोगों के लिए अच्छा माना जाता है जो किराए के घर में रहते हैं या बार-बार घर बदलते हैं। 

वहीं विंडो एसी एक फिक्स्ड यूनिट होती है जिसे खिड़की या दीवार में लगाया जाता है। इसका आधा हिस्सा कमरे के अंदर और आधा बाहर रहता है। यही वजह है कि यह गर्म हवा को सीधे बाहर फेंक देता है और कमरे को तेजी से ठंडा करता है। 

 

कूलिंग के मामले में कौन ज्यादा दमदार?

अगर बात सिर्फ कूलिंग की करें तो ज्यादातर एक्सपर्ट विंडो एसी को बेहतर मानते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह इसका डिजाइन है। विंडो एसी का कंप्रेसर बाहर की तरफ रहता है, इसलिए मशीन की गर्मी कमरे के अंदर नहीं फैलती। इससे कमरा जल्दी ठंडा हो जाता है। 

दूसरी तरफ पोर्टेबल एसी पूरी तरह कमरे के अंदर रखा रहता है। ऐसे में मशीन खुद भी कुछ गर्मी पैदा करती है। कई बार उसका एग्जॉस्ट पाइप भी गर्म हो जाता है, जिससे कमरे में हल्की गर्मी बनी रहती है। यही कारण है कि पोर्टेबल एसी को कमरे को ठंडा करने में ज्यादा समय लगता है। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया कि लगभग तीन सौ स्क्वायर फीट के कमरे को ठंडा करने में विंडो एसी जहां करीब पैंतीस मिनट लेता है, वहीं पोर्टेबल एसी को लगभग एक घंटा तक लग सकता है। 

 

बिजली बिल किससे आता है कम?

आजकल एसी खरीदते समय लोग सबसे ज्यादा बिजली बिल को लेकर परेशान रहते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कौन सा एसी ज्यादा बिजली खाता है।रिपोर्ट्स के मुताबिक विंडो एसी पोर्टेबल एसी के मुकाबले ज्यादा बिजली बचाता है। एक सामान्य पोर्टेबल एसी लगभग एक दशमलव आठ से दो किलोवॉट प्रति घंटे तक बिजली खर्च कर सकता है। वहीं विंडो एसी औसतन डेढ़ किलोवॉट प्रति घंटे के आसपास बिजली इस्तेमाल करता है। 

इसका सीधा मतलब है कि अगर आप रोज कई घंटों तक एसी चलाते हैं तो पोर्टेबल एसी का बिजली बिल ज्यादा आ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि विंडो एसी लगभग तीस से पचास प्रतिशत तक ज्यादा एफिशिएंट हो सकता है। यही वजह है कि लंबे समय तक इस्तेमाल करने वालों के लिए विंडो एसी ज्यादा फायदे का सौदा माना जाता है।

 

कीमत में कौन सस्ता पड़ता है?

कीमत की बात करें तो आमतौर पर विंडो एसी पोर्टेबल एसी से सस्ता पड़ता है। बाजार में एक अच्छी क्वालिटी का विंडो एसी दो से तीन लाख नहीं बल्कि करीब बीस से तीस हजार रुपये के बीच मिल जाता है। वहीं पोर्टेबल एसी अक्सर उससे महंगा पड़ सकता है।

सिर्फ खरीदने की कीमत ही नहीं, लंबे समय का खर्च भी विंडो एसी में कम आता है। क्योंकि इसकी बिजली खपत कम होती है, इसलिए सालों में काफी बचत हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक पांच साल में विंडो एसी बिजली बिल में हजारों रुपये बचा सकता है। 

 

इंस्टॉलेशन में कौन आसान?

यहीं पर पोर्टेबल एसी बाजी मारता है। इसे लगाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। बस पाइप को खिड़की के बाहर निकालना होता है और मशीन चालू हो जाती है। यही कारण है कि किराए के मकान में रहने वाले लोग इसे पसंद करते हैं।

वहीं विंडो एसी लगाने के लिए खिड़की या दीवार में सही जगह चाहिए होती है। कई बार इसके लिए तकनीशियन बुलाना पड़ता है। अगर आप बार-बार घर बदलते हैं तो हर बार इसे निकालना और फिर लगवाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

 

आवाज के मामले में कौन बेहतर?

कई लोगों की शिकायत रहती है कि एसी की आवाज नींद खराब कर देती है। इस मामले में भी विंडो एसी को थोड़ा बेहतर माना जाता है। क्योंकि उसका कंप्रेसर बाहर की तरफ रहता है, इसलिए कमरे के अंदर आवाज थोड़ी कम सुनाई देती है।

पोर्टेबल एसी में सारे पार्ट्स कमरे के अंदर ही होते हैं। इसलिए कई बार इसकी आवाज ज्यादा महसूस होती है। सोशल मीडिया और रेडिट पर भी कई यूजर्स ने कहा कि पोर्टेबल एसी की आवाज परेशान कर सकती है, खासकर रात में।

 

फिर भी लोग पोर्टेबल एसी क्यों खरीद रहे?

अब सवाल आता है कि अगर विंडो एसी इतना अच्छा है तो लोग पोर्टेबल एसी क्यों खरीद रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है सुविधा। कई अपार्टमेंट्स में विंडो एसी लगाने की अनुमति नहीं होती। कुछ घरों की खिड़कियां ऐसी होती हैं जहां विंडो एसी फिट नहीं हो पाता। ऐसे में पोर्टेबल एसी एक आसान विकल्प बन जाता है। इसके अलावा जो लोग छोटे कमरे या अस्थायी सेटअप में रहते हैं, उनके लिए पोर्टेबल एसी सुविधाजनक माना जाता है। इसे जरूरत के हिसाब से दूसरे कमरे में भी ले जाया जा सकता है।

 

आखिर किसे खरीदना ज्यादा समझदारी?

अगर आपकी प्राथमिकता तेज कूलिंग, कम बिजली बिल और लंबे समय की बचत है तो विंडो एसी ज्यादा बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। यह तेजी से कमरे को ठंडा करता है और बिजली भी कम खर्च करता है। खासकर उन लोगों के लिए जो रोज लंबे समय तक एसी चलाते हैं, विंडो एसी ज्यादा फायदे का सौदा माना जाता है।

लेकिन अगर आप किराए के घर में रहते हैं, बार-बार शिफ्ट होते हैं या आपके कमरे में विंडो एसी लगाना संभव नहीं है, तो पोर्टेबल एसी आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि इसके साथ आपको थोड़ा ज्यादा बिजली बिल और थोड़ी कम कूलिंग के लिए तैयार रहना होगा।

कुल मिलाकर देखा जाए तो दोनों एसी की अपनी-अपनी जरूरत और उपयोगिता है। सही फैसला वही होगा जो आपके कमरे के आकार, बजट और इस्तेमाल की जरूरत के हिसाब से फिट बैठे।