आजकल सोशल मीडिया खोलते ही एक शब्द सबसे ज्यादा सुनाई देता है, ‘ग्लास स्किन’। चमकदार, साफ और बिना दाग-धब्बों वाली त्वचा पाने का सपना अब सिर्फ कोरिया तक सीमित नहीं रहा। भारत में भी लाखों लोग कोरियन स्किनकेयर रूटीन फॉलो कर रहे हैं। खासकर युवा लड़कियों और लड़कों के बीच इसका जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है।
दरअसल, कोरियन स्किनकेयर सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने का तरीका नहीं माना जाता, बल्कि यह त्वचा को लंबे समय तक हेल्दी रखने की सोच पर आधारित है। इसमें त्वचा को छुपाने की जगह उसे अंदर से हेल्दी बनाने पर ध्यान दिया जाता है। यही वजह है कि पूरी दुनिया में के-ब्यूटी यानी कोरियन ब्यूटी इंडस्ट्री इतनी तेजी से लोकप्रिय हुई है।
आखिर क्या है कोरियन स्किनकेयर रूटीन?
कोरियन स्किनकेयर रूटीन कई स्टेप्स में किया जाता है। आमतौर पर लोग इसे दस स्टेप वाला रूटीन कहते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर दिन दसों स्टेप करना जरूरी नहीं होता। यह पूरी तरह आपकी त्वचा और जरूरत पर निर्भर करता है।
इस रूटीन की सबसे खास बात है ‘लेयरिंग’, यानी हल्के प्रोडक्ट से शुरुआत करके धीरे-धीरे त्वचा को हाइड्रेशन और पोषण देना। इसमें त्वचा को रगड़ने या हार्श केमिकल्स इस्तेमाल करने के बजाय उसे धीरे-धीरे रिपेयर किया जाता है।
स्टेप 1– ऑयल क्लेंजर
कोरियन स्किनकेयर की शुरुआत ऑयलक्लेंजर से होती है। पहली बार सुनने पर कई लोगों को लगता है कि ऑयली चीज चेहरे पर लगाने से पिंपल्स बढ़ जाएंगे, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। ऑयल क्लेंजर मेकअप, सनस्क्रीन और चेहरे पर जमा गंदगी को आसानी से हटाने में मदद करता है।
कोरियन स्किनकेयर में इसे ‘डबल क्लेंजिंग’ का हिस्सा माना जाता है। यानी पहले ऑयल बेस्ड क्लेंजर और फिर वॉटर बेस्ड क्लेंजर इस्तेमाल किया जाता है। माना जाता है कि इससे त्वचा ज्यादा अच्छे से साफ होती है।
स्टेप 2 – वॉटर बेस्ड क्लेंजर
ऑयल क्लेंजर के बाद फेस वॉश या वॉटर बेस्ड क्लेंजर लगाया जाता है। इसका काम चेहरे से बची हुई धूल, पसीना और बाकी गंदगी हटाना होता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर त्वचा ठीक से साफ नहीं होगी तो बाकी स्किनकेयर प्रोडक्ट्स सही तरह काम नहीं करेंगे। यही वजह है कि कोरियन स्किनकेयर में क्लेंजिंग को सबसे जरूरी हिस्सा माना जाता है।
स्टेप 3 – एक्सफोलिएशन
यह स्टेप रोज नहीं किया जाता। हफ्ते में दो या तीन बार एक्सफोलिएशन करने की सलाह दी जाती है। इसका मतलब होता है त्वचा से डेड स्किन हटाना। इससे त्वचा स्मूद दिखती है और पोर्स साफ होते हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स चेतावनी भी देते हैं कि जरूरत से ज्यादा स्क्रब करने से त्वचा खराब हो सकती है। इसलिए हल्के एक्सफोलिएटर का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।
स्टेप 4 – टोनर
भारत में लंबे समय तक लोग टोनर को जरूरी नहीं मानते थे, लेकिन कोरियन स्किनकेयर में यह अहम हिस्सा है। टोनर त्वचा का पीएच बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है और अगले प्रोडक्ट्स के लिए त्वचा को तैयार करता है। आजकल मार्केट में हाइड्रेटिंग टोनर काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। इनमें एलोवेरा, ग्रीन टी और राइस वॉटर जैसे इंग्रीडिएंट्स इस्तेमाल किए जाते हैं।
स्टेप 5 – एसेंस
कोरियन स्किनकेयर में ‘एसेंस’ को बहुत खास माना जाता है। यह टोनर और सीरम के बीच का प्रोडक्ट होता है। इसका काम त्वचा को गहराई तक हाइड्रेट करना और उसे ग्लो देना होता है। कई लोग मानते हैं कि ग्लास स्किन लुक पाने में एसेंस की बड़ी भूमिका होती है। यही वजह है कि कोरियन ब्यूटी इंडस्ट्री में इसकी काफी डिमांड रहती है।
स्टेप 6 – सीरम और एम्प्यूल
अगर किसी को पिंपल्स, पिगमेंटेशन, डार्क स्पॉट्स या फाइन लाइन्स जैसी समस्या है तो सीरम इस्तेमाल किया जाता है। कोरियन स्किनकेयर में हर स्किन प्रॉब्लम के लिए अलग तरह के सीरम मिलते हैं। कुछ सीरम में नियासिनामाइड होता है जो त्वचा को ब्राइट करने में मदद करता है, जबकि कुछ में हायलूरोनिक एसिड होता है जो त्वचा को हाइड्रेट रखता है।
स्टेप 7 – शीट मास्क
कोरियन शीट मास्क पूरी दुनिया में काफी मशहूर हो चुके हैं। इन्हें चेहरे पर कुछ मिनटों के लिए लगाया जाता है ताकि त्वचा को इंस्टेंट हाइड्रेशन मिल सके। कई लोग पार्टी या खास मौके से पहले शीट मास्क लगाना पसंद करते हैं क्योंकि इससे त्वचा थोड़ी फ्रेश और चमकदार दिखती है।
स्टेप 8 – आई क्रीम
आंखों के आसपास की त्वचा चेहरे के बाकी हिस्सों से ज्यादा पतली होती है। इसलिए कोरियन स्किनकेयर में इसके लिए अलग आई क्रीम इस्तेमाल की जाती है। माना जाता है कि इससे डार्क सर्कल्स और फाइन लाइन्स कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि कई डर्मेटोलॉजिस्ट कहते हैं कि अच्छी मॉइश्चराइजिंग भी काफी हद तक यही काम कर सकती है।
स्टेप 9 – मॉइश्चराइजर
कोरियन स्किनकेयर में हाइड्रेशन को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। इसलिए मॉइश्चराइजर को कभी स्किप नहीं किया जाता। चाहे त्वचा ऑयली हो या ड्राई, हर स्किन टाइप को मॉइश्चर की जरूरत होती है। कोरिया में जेल बेस्ड और हल्के मॉइश्चराइजर ज्यादा पसंद किए जाते हैं ताकि त्वचा चिपचिपी न लगे।
स्टेप 10 – सनस्क्रीन
अगर किसी एक स्टेप को सबसे जरूरी कहा जाए तो वह सनस्क्रीन है। कोरियन स्किनकेयर में इसे "नॉन-नेगोशिएबल' माना जाता है। यानी इसे छोड़ना नहीं चाहिए। धूप की यूवी किरणें त्वचा को जल्दी बूढ़ा बना सकती हैं और पिगमेंटेशन बढ़ा सकती हैं। इसलिए कोरिया में लोग घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाते हैं।
क्या सच में जरूरी हैं दसों स्टेप?
सोशल मीडिया पर कई लोग मानते हैं कि कोरियन स्किनकेयर का मतलब रोज दस प्रोडक्ट लगाना है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। कई एक्सपर्ट्स और स्किनकेयर कम्युनिटी के लोग कहते हैं कि यह रूटीन आपकी जरूरत के हिसाब से बदल सकता है। अगर किसी के पास ज्यादा समय नहीं है तो वह सिर्फ क्लेंजर, मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन से भी शुरुआत कर सकता है। धीरे-धीरे जरूरत के हिसाब से बाकी स्टेप्स जोड़े जा सकते हैं।
भारत में क्यों बढ़ रहा है इसका ट्रेंड?
के-पॉप, के-ड्रामा और सोशल मीडिया ने कोरियन ब्यूटी ट्रेंड को भारत में बेहद लोकप्रिय बना दिया है। लोग अब सिर्फ मेकअप से चेहरा छुपाना नहीं चाहते, बल्कि प्राकृतिक ग्लो चाहते हैं। यही वजह है कि राइस वॉटर, स्नेल म्यूसिन और ग्रीन टी जैसे इंग्रीडिएंट्स वाले प्रोडक्ट्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
हालांकि स्किन एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी ट्रेंड को आंख बंद करके फॉलो नहीं करना चाहिए। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। इसलिए वही प्रोडक्ट इस्तेमाल करना चाहिए जो आपकी स्किन टाइप को सूट करे। फिर भी इतना जरूर है कि कोरियन स्किनकेयर ने लोगों को त्वचा की देखभाल को लेकर ज्यादा जागरूक बना दिया है। अब लोग सिर्फ गोरा दिखने की बजाय हेल्दी और ग्लोइंग स्किन पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं।









